
अजित सिंह की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि वो अपने विधायकों को राज्य सभा चुनाव में अपना वोट बेचने से कैसे रोकें क्योंकि अगर वे यह सौदा अजित सिंह तो फायदा ज्यादा होगा। इसी वजह से अपने राजनीतिक जीवन को बचाने के लिए वो समाचार पत्रों के माध्यम से इस कोशिश में लगे हैं। अब अजित सिंह ने जाटों को कांग्रेस को बेचने के लिए अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में करने का फैसला लिया है। इस मामले में कांग्रेस भी फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है। कांग्रेस के भीतर कई नेताओं का मानना है कि अगर अजित सिंह को कांग्रेस में शामिल किया जाता है, तो यह कांग्रेस की सबसे बड़ी राजनीतिक भूल होगी क्योंकि इससे पहले 2009 के आम चुनाव में अजित सिंह को जितना फायदा भारतीय जनता पाटी (भाजपा) से हुआ, उतना ही नुकसान भाजपा को हुआ है। कांग्रेस में विलय के बाद अजित को तो फायदा होगा वो मंत्री भी बनेगे पर जिस जाट कम्युनिटी को यह परिवार पिछले ४० सालों से बेवकूफ बनता आर रहा है| उसका क्या ? आज जब यशपाल मालिक- अध्यक्ष अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति दुआर इस मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया तो अजित सिंह खुद के फायदे के लिए इस मांग को कमजोर कर रहे है और सारा श्र्ये अपने सिर पर बंधना चाहते है| क्योकि कांग्रेस उनको इसी लिए ले रही है की वो अपने गुलाम जाटों को कांग्रेस का गुलाम बनाये| क्योकि यहा अजित सिंह तो बिकाऊ है ही साथ में यह जाट जाति के लिए खुद बड़ी शर्म की बात है| मै नहीं समझता इस गुलाम जाट कौम से पिछड़ी कोई और कौम है|

पर यह भी तय समझे की कांग्रेस में विलय के बाद अजित सिंह और उनके परिवार की दुकान सदा के लिए बंद हो जाएगी| और जाट समुदाय को भी यह पता चल चूका है की १७ साल से राष्ट्रीय स्तर पर यादव और गुर्जर को यह आरक्षण मिला पर जाटों को नहीं उसका केवल और केवल एक कारण चौ. चरण सिंह और अजित सिंह है| यशपाल मालिक दुआरा इस मांग को उठाना और यह भी बताना की किसने क्या खेल खेला जाटों को पता चल चूका है| क्योकि चौधरी चरण सिंह के टाइम पर उन्होने कभी भी नहीं चाह के जाटों को आरक्षण मिले और ठीक अजित सिंह भी यही चाहते है क्योकि जब तक जाट खेती में लगा रहेगा इन उत्तर प्रदेश के जाट परिवार की दूकान चलती रहेगी और जहा जाट सम्रध हुआ इनकी दूकान बंद| क्योकि समर्धि के साथ कई और नेता भी आयंगे और ऐसे में एकाधिकार नहीं रहेगा
अजित सिंह वहीं नेता हैं, जो जाटों के दम पर आज तक जीतते आए हैं। जो चौधरी चरण सिंह हमेशा कांग्रेस की खिलाफत करते रहे, आज उनके सुपुत्र चौधरी अजित सिंह पूरे जाट समुदाय से पूछे बिना उसे कांग्रेस को बेचने को तेयार हैं। अजित सिंह के इस रवैये से पश्चमी उत्तर प्रदेश का पूरा जाट समाज बेहद नाराज है क्योंकि हाल में केंद्र में ओबीसी के अंतर्गत जाट आरक्षण की मांग को लेकर अजित के नकारात्मक व्यवहार के कारण जाट समुदाय उनसे पहले से ही नाराज चल रहा है।
इससे पहले भी अजित सिंह 2009 के लोक सभा चुनाव में जाटों को भाजपा को बेच चुके हैं। बागपत के सर्रूरपुर गांव के सतबीर सिंह का कहना है कि अजित सिंह किस मुद्दे पर राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) का विलय करने को तैयार हैं? क्या वह कांग्रेस में जाने के बाद जाटों को केंद्र में ओबीसी आरक्षण की मांग को रखेंगे? क्या अजित सिंह बागपत के पिछड़ेपन के मुद्दे पर कांग्रेस में जा रहे हैं क्योंकि अगर वह ऐसा करते हैं, तो ऐसी क्या वजह थी कि भाजपा से उन्होंने 2009 में हाथ मिलाया था
बागपत के बावली गांव के बलजोर सिंह कहते हैं कि चौधरी चरण सिंह, जो हमेशा किसानों के मुद्दे को लेकर अकेले कांग्रेस से लोहा लेते रहे, के पुत्र अजित सिंह पूरी कौम को कांग्रेस को बेचने का फैसला कर चुके हैं। राष्ट्रीय लोकदल का खुला विरोध: इस जाट ओ.बी.सी आरक्षण मांग पर एक बात और निकल कर आयी है| पश्चिम उत्तर प्रदेश के जाटों को अब इस बात का पता चल चूका है की कैसे अजित सिंह जाटों की इस मांग की खुले आम खिलाफत कर रहे है| यह बात और पुख्ता जब हुई जब खुलेआम आर एल डी के कार्येकर्ताओ ने बागपत लोक सभा के जाट बहुल गावों में जाकर लोगो को इस रैली में भाग न लेने को कहा| इसके बाद चौ. अजित सिंह ने आनन् फानन में गाजिअबाद में एक सामानांतर संघटन जिसका नाम “राष्ट्रीय जाट आरक्षण समिति” है का गठन कर लोगो को यह बता दिया के आरक्षण अगर मिल भी रहा होगा तो उसको सबसे पहले मै रोकूंगा| अजित सिंह इतनी भोख्लाये हुए है के वह यह भी भूल गए के जिस किसान की वो राजनीति करते है उसमे सिर्फ जाट नहीं रहते | अभी हाल ही में जब में खुद बागपत के चपरौली में लोगों से बात कर रहा था तो चोकने वाले तथ्य सामने आये | गाँव बावली (बागपत) के वेदपाल तोमर ने कहां की जब मुज्ज़ेफर्र्न्गर, मुरादाबाद, आगरा, अलीगढ, हरयाणा, पंजाब , हिमाचल, जम्मू कश्मीर का जाट वहा मुरादनगर नेहर पर जो बागपत लोक सभा का हिस्सा है और चारो तरफ से जाटों के गाव से घिरा हुआ है कई हजार पुलिसवालो की बन्दूको की छाव में भूखा प्यासा पड़ा हुआ था तब हम यहाँ रालोद नेता अजित सिंह के दिशानुसार घर से बहार भी नहीं निकले| सिरसली गाँव के एक जाट युवक अनिल तोमर का कहेना था आज हम पूरे बागपत लोकसभा के जाट अपनी ही कौम के आगे नंगे हो गए वहा मुरादनगर गंग नेहर पर आये हुए पुरे देश के जाटों ने आकार जिस तरह आरक्षण के लिए संगर्ष किया उसको देखते हुए हम बागपत के जाट अपनी ही आँखों में गिर गए| बिजरोल गाव के मनोज तोमर ने कहा के यहाँ बागपत के जाटों को शायद यह लगता है के अगर हम जाट आरक्षण के लिए केंद्र सरकार से मांगे करते है या यहाँ बागपत के पिछड़ेपन के लिए आवाज़ उठाते है तो चौधरी चरण सिंह और अजित की वसीयत से उन्हें बेदखल कर दिया जायेगा|
आज जिस तरह से देश का पूरा जाट समाज सिवाए बागपत जाटों के, जिस तरह यशपाल मालिक दुआरा के किये गए जाट आरक्षण के आन्दोलन की सराहना कर रहा है| उसे देख कर यही लगता है के आने वाले समय में चौ. अजित सिंह और उनके परिवार की राजनीति की दुकान हमेशा के लिए बंद हो जाएगी|
आने वाले उत्तर प्रदेश के 2012 के विधान सभा चुनावों और 2014 के लोक सभा चुनाव में उत्तर प्रदेश का पूरा जाट समाज चौधरी अजित सिंह को सबक सिखाने को तैयार है।


